अगर आप प्याज की खेती करते हैं या थोक बाजार से जुड़े हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। आज 17 मई 2025 को मध्यप्रदेश की कई प्रमुख मंडियों में प्याज के भाव में फिर से गिरावट दर्ज की गई है। किसानों के लिए यह एक चिंता की बात है क्योंकि लागत के मुकाबले भाव में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
भावों में गिरावट का कारण क्या है?
इस समय मंडियों में प्याज की आवक लगातार बनी हुई है, लेकिन डिमांड में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही। कई जगहों पर प्याज स्टोरेज भी एक बड़ी चुनौती है जिससे व्यापारी सस्ते दाम पर प्याज बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश की प्रमुख मंडियों में आज के प्याज के भाव (17 मई 2025)
| मंडी का नाम | न्यूनतम भाव (₹/कुंतल) | अधिकतम भाव (₹/कुंतल) |
|---|---|---|
| मंदसौर | ₹300 | ₹800 |
| नीमच | ₹350 | ₹850 |
| रतलाम | ₹400 | ₹850 |
| उज्जैन | ₹300 | ₹750 |
| धार | ₹250 | ₹780 |
| भोपाल | ₹350 | ₹800 |
| इंदौर | ₹400 | ₹950 |
| जबलपुर | ₹300 | ₹800 |
| सागर | ₹280 | ₹750 |
| खरगोन | ₹350 | ₹780 |
आज के रेट का विश्लेषण:
जहां कुछ दिन पहले अच्छी क्वालिटी का प्याज ₹1300 तक बिक रहा था, वहीं अब अधिकतम भाव भी ₹1000 के आसपास ही पहुंच पा रहे हैं। मीडियम क्वालिटी का प्याज ₹500 से ₹600 और लो क्वालिटी का प्याज ₹300 से नीचे भी बिकता दिखाई दे रहा है।
क्या आगे और गिरेगा भाव?
कई किसान संगठनों का कहना है कि अगर डिमांड नहीं बढ़ी और सप्लाई ऐसे ही बनी रही तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्या करें किसान?
– प्याज को स्टोर करने की कोशिश करें
– मंडी रेट की जानकारी रोजाना लेते रहें
– समूह में बिक्री पर विचार करें




